Aankhon Ki Roshni Kaise Badhaye: 6 संपूर्ण मार्गदर्शिका

 

Aankhon ki roshni—आज के इस डिजिटल दुनिया में सबसे ज्यादा कार्य हमारे आंखों से होता है। किसी ऑफिस में कार्य, ऑनलाइन पढ़ाई, और गेम खेलने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना आंखों की मांसपेशियों को थकावट करता है। गंदा खान खानपान भी आंखों की दृष्टि को कमजोर करने में भूमिका निभाती है।

परंतु आप सही आदतें एवं सही खान-पान का इस्तेमाल करके अपनी Aankhon ki roshni को बढ़ा सकते हैं और ज्यादा उम्र होने के बाद आंखों की समस्या को दूर कर सकते हैं।

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आँखों की रोशनी के लिए 6 बेहतरीन मार्गदर्शिकाएँ क्या हैं?

aankhon ki roshni के लिए 6 मार्गदर्शिका निम्नलिखित इस प्रकार है –

1.आहार और पोषण (Diet & Nutrition)

विटामिन A: यह हमारी आंखों की रोशनी के लिए सबसे बेहतर होती है। यह रेटिना में ‘रोडोप्सिन’ बनाने में मदद करता है, जो हमें कम रोशनी में देखने की क्षमता देती है। विटामिन A की कमी से रतौंधी जैसी बीमारी हो सकती है। कमी को दूर करने के लिए गाजर, शकरकंद और पपीता को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

ओमेगा-3 फैटी एसिड: यह हमारी आंखों की नमी को बनाए रखती है और ड्राई आई सिंड्रोम से बचने में अधिक मदद करती है। संतरा, नींबू, आंवला, बादाम, गाजर इत्यादि का सेवन करें।

ताजा और हरी सब्जि: हरी सब्जी में गाजर, पालक, ब्रोकोली, शिमला लाल मिर्च और खीर को खा सकते हैं। इन सब्ज़ी में एंटीऑक्सिडेंट ल्यूटिन और ज़ेक्सैन्थिन अधिक पाया जाता है जो aankhon ki roshni को बढ़ाने में मदद करती है।

दूध और दही : दूध में विटामिन A, कैल्शियम और प्रोटीन पाया जाता है जो aankhon ki roshni को तेज करती है और आंख की मांसपेशियों को थकावट से मुक्त करती है। वहीं पर दही में प्रोबायोटिक्स, विटामिन B12 और जिंक पाया जाता है जो हमारी आंखों की नसों को बेहतर करती है और आंख की सूखापन एवं जलन जैसेी समस्याओं का समाधान करता है।

2. एक्सरसाइज (Exercises)

अपनी आंखों को एक्सरसाइज के माध्यम से भी aankhon ki roshni बढ़ा सकते हैं, तो चलिए जानते हैं कौन सी एक्सरसाइज आंखों के लिए बेहतर है।

(का) 20-20-20 नियम का प्रयोग (Digital Strain Relief)

कैसे करें: हर 20 मिनट स्क्रीन देखने के बाद 20 फीट की दूरी पर रखी किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखना।

फायदा: इससे आंख में आंसू और मांसपेशियों की जकड़न कम होती है।

(खा) पलकें झपकन (Blinking Exercise)

कैसे करें: हर 1-2 घंटे के बाद आंखों की पलकों को 10 बार लगातार जल्दी झपकाएं।

फायदा: आंखों में नमी को बनाए रखती है।

(ग) पुतलियों को घुमाना (eye rolling)

कैसे करें: अपनी आंखों को ऊपर से दाएं, फिर दाएं से नीचे, और फिर बाईं ओर (क्लॉकवाइज) ले जाएं। फिर इस प्रक्रिया को उल्टी दिशा (एंटी-क्लॉकवाइज) में दोहराएं। यह प्रक्रिया कम से कम 5-6 बार जरूर करें।

फायदा: इसे करने से आंखों की मांसपेशियां का लचीलापन बढ़ता है।

3. उम्र के साथ होने वाली आँखों की बीमारियाँ

बढ़ती उम्र की तरह हमारे शरीर के कुछ अंगों जैसे आंखें में भी काफी बदलाव होते हैं। हर व्यक्ति को 40 साल के बाद आंखों में कम दिखाई देता है। यदि इस समस्या को पहले से समझ लें तो ही समाधान कर सकते हैं।

प्रेसबायोपिया (Presbyopia—पास की चीजों को कम दिखाई देना)

यह 40-45 साल के बाद होने वाली सामान्य समस्या होती है। जिसे हम पहले समझ जाएं तो आगे कोई समस्या नहीं होगी।

•लक्षण: अखबार, मोबाइल और ऑनलाइन किसी चीज को पढ़ने के लिए आंखों से दूर रखनी पड़ती है। कम रोशनी में किसी चीज को पढ़ने में समस्या होती है।

•कारण: जब आंखों की प्राकृतिक लेंस समाप्त हो जाती है तो वह नजदीक रखी किसी वस्तु को ठीक से नहीं देख पाता है।

•समाधान: नजदीकी चीजों को देखने के लिए प्रोग्रेसिव लेंस का उपयोग करें।

मोतियाबिंद (Cataract)

आज भारत में आधे से ज्यादा लोगों की समस्या मोतियाबिंद होती है।

•लक्षण: धुंधलापन दिखाई देना, रंगों का फीका पड़ना, और गाड़ी चलाते समय रोशनी ज्यादा दिखाई देना इत्यादि मोतियाबिंद के लक्षण होता हैं।

•कारण: बढ़ती उम्र, डायबिटीज, ज्यादा देर तक धूप में रहना, आंखों में किसी प्रकार का चोट और लंबे समय तक स्टेरॉयड दवाई का सेवन इत्यादि।

• समाधान: सर्जरी करना ही सबसे बेहतरीन होगा क्योंकि इसमें खराब लेंस को हटाकर कृत्रिम लेंस (IOL) को लगाया जाता है।

ग्लूकोमा (Glaucoma – काला मोतिया का होना)

इसको “दृष्टि का खामोश चोर” कहा जाता है क्योंकि इसका पता तब तक नहीं चलता जब तक बहुत देर ना हो जाए।

•लक्षण: साइड की दृष्टि (Peripheral Vision) कम होना, आँखों में दर्द या सिरदर्द जैसा महसूस होना।

•कारण: जब आंख के अंदर तरल पदार्थ बाहर नहीं निकल पाता है तो आंखों में दबाव बढ़ जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचता है।

•समाधान: इस समस्या को दूर नहीं किया जाता है परंतु सर्जरी के माध्यम से बढ़ने से रोका जा सकता है।

4. घरेलू उपाय

प्राचीन काल से ही आंखों की देखभाल के लिए हर भारतीय घर में अलग-अलग नुस्खे तैयार किए जाते हैं। ये नुस्खे आंखों की थकावट के लिए नहीं हैं, बल्कि आंखें लंबे समय तक स्वस्थ रहें इसके लिए हैं।

यहां पर aankhon ki roshni को बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण घरेलू उपाय दिए गए हैं जो निम्नलिखित हैं:

आँखों के लिए ठंडी सिकाई (Cold Compresses)

आंखों में जलन और सूजन को कम करने के लिए:

•खीरा: खीरा को दो टुकड़ों में काट कर अपनी आंखों में 10 मिनट तक लगाए रखें।

•गुलाब जल: रूई के फाहे टुकड़े को ठंडा गुलाब जल में भिंगोकर अपनी आंखों पर रखें। इससे आंखों की गर्मी जल्दी समाप्त होती है।

भीगी हुई किशमिश और अंजीर का उपयोग

कैसे करें: रात में दो अंजीर और 10 से 15 किशमिश को पानी में भिगोकर रख दें। सुबह खाली पेट इनका सेवन करें।

लाभ: इसमें आयरन और विटामिन पाया जाता है जो हमारी आंखों की नसों के लिए रक्त संचार (blood circulation) को सुधारने में मदद करता है।

त्रिफला जल से आँखें धोना

त्रिफला, बहेड़ा, और आंवला हमारी आंखों के लिए अमृत समान मानाे जाते हैं।

विधि: रात में एक गिलास पानी में एक चम्मच त्रिफला का चूर्ण भींगने दे और फिर सुबह किसी सूती के कपड़ों से पानी में त्रिफला चूर्ण को छानकर जो पानी बचा है, उसे अपनी आंखों की पुतलियों पर लगाएं।

लाभ: इसका प्रयोग करने से aankhon ki roshni तेज और साफ होती है।

सावधानी: जब इस पानी को सुबह छाने तो ध्यान रहे कि त्रिफला का चूर्ण पानी में नहीं रहना चाहिए क्योंकि इससे जब आंखों में लगाएंगे तो अंदर चला जाएगा।

सुबह का बासी थूक (ancient remedy)

यह सुनने में तो अजीब लगता होगा, परंतु इसका उपयोग काफी महत्वपूर्ण है।

विधि: जब आप सुबह उठे तो बिना मुंह धोए मुंह के लार को काजल की तरह अपनी आंखों में लगाएं।

लाभ: लार में एंजाइम पाया जाता है जो जब कोई आंखों की समस्या के लिए चश्मा का प्रयोग करता है तो लार इसे दूर करने में मदद करती है।

पैरों के तलवों की मालिश करना

आप लोगों को पता होगा कि हमारी आंखों का संबंध पैरों की नसों तक होता है।

विधि: जब आप रात को सोने जाएँ, तब अपने पैरों पर 5 से 10 मिनट तेल या घी से मालिश करें।

लाभ: इससे आंखों की रोशनी बढ़ती है और नींद में काफी गुणावता आती है।

5.सावधानी

स्क्रीन का इस्तेमाल कम करना

आंखों की समस्या अधिकांश मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करने से होती है।

•ब्राइटनेस का संतुलन रखना: अधिकतर लोग रात में बल्ब को बंद करके मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं, परंतु ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे आंख जल्द खराब होती है। जब रात में मोबाइल का इस्तेमाल करें तो यह ध्यान में होना चाहिए कि रूम की रोशनी फोन के ब्राइटनेस के बराबर होनी चाहिए।

दूरी बनाए रखें: जब भी फोन का इस्तेमाल करें तो फोन को 20-25 इंच दूर रखें।

एंटी-ग्लेयर चश्मा: यदि आप प्रतिदिन 4-5 घंटे फोन या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं, तो ‘ब्लू लाइट ब्लॉकिंग’ चश्मा जरूर पहनें।

आँखों को ज़्यादा रगड़ने से बचें (Don’t Rub Your Eyes).

•खतरा: जब आंख में खुजली या जलन होती है तो हम उसे हाथों से खुजलाते हैं जिससे हाथ के नाखून से कॉर्निया और इंफेक्शन की संभावना बढ़ जाती है।

•उपाय: जब भी आंख खुजलाए तो हमें अपने हाथों की जगह पानी से आंखों को धो लेना चाहिए ताकि आंख में चोट न लगे।

धूप से आंखों की सुरक्षा

•सावधानियां: जब आप किसी काम से धूप में बाहर निकलें तो UV-प्रोटेक्टिव सनग्लासेस पहनें। सस्ते एवं लोकल चश्मे से बचें क्योंकि यह आंखों की पुतलियों को फैलाकर नुकसान कर सकते हैं।

6. निष्कर्ष

aankhon ki roshni – को एक दिन में संभव है, परंतु नियंत्रण प्रयास और स्वस्थ आदतों से aankhon ki roshni को बेहतर बना सकते हैं। संतुलित आहार, एक्सरसाइज और मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन इत्यादि का सही इस्तेमाल करना चाहिए।

•सुबह-सुबह खाली पैर घासों पर चलने से भी आंखें स्वस्थ होती हैं क्योंकि आंखों का संबंध हमारे पैरों की नसों तक होता है

• हम आंख से ही पूरे दुनिया की देख कर सकते हैं, परंतु यदि हमारी आंख ही स्वस्थ एवं धुंधला दिखाई देताी है, तो हम किसी भी कार्य को करने में ज्यादा समय लगेगा और अच्छी तरह से वह नहीं होगी।

Q 1. क्या हम वास्तव में अपने चश्मे का नंबर कम कर सकते हैं?

जी बिल्कुल! यदि किसी प्रकार की डिजिटल स्ट्रेस या मांसपेशियों की कमजोरी के कारण है तो आप इसे (विटामिन A या ओमेगा-3 के माध्यम से) हल कर सकते हैं। हालांकि जेनेटिक्स नंबरों को पूरी तरह से हटाना असंभव है क्योंकि यह हमारे परिवार में से किसी को हुआ होता है

Q2. aankhon ki roshni के लिए सबसे अच्छा फल कौन सा माना जाता है?

आंवला aankhon ki roshni  के लिए सबसे श्रेष्ठ माना जाता है क्योंकि इसमें विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स पर्याप्त मात्रा में पाए जाते हैं। इसके अलावा, पपीता, गाजर, और संतरा भी aankhon ki roshni के लिए फायदेमंद होते हैं।

Q3. क्या मोबाइल की स्क्रीन आँखों को स्थायी रूप से खराब कर सकती है?

जब आप लगातार घंटे तक स्क्रीन को देखते हैं तो ‘डिजिटल आई स्ट्रेन’ होता है। इससे आंख में सूखापन और धुंधलापन आ सकता है। यदि आप लंबे समय तक स्क्रीन की रूटीन को सही से बनाए रखते हैं तो आंख में कोई समस्या नहीं होगी।

Q4. क्या आँखों में गुलाब जल डालना सुरक्षित है?

बिल्कुल! परंतु शुद्ध और आयुर्वेदिक गुलाब जल का उपयोग करके आंख को ठंडा कर सकते हैं, लेकिन जो बाजार में मिलने वाला गुलाब अधिक खुशबूदार और केमिकल जैसा है, उस जल का उपयोग नहीं करें।

Q5. क्या हमें हर सुबह ठंडे पानी से आँखें धोना सही है?

सुबह-सुबह हल्के ठंडे पानी या नॉर्मल पानी से ही आंखों को धोएं क्योंकि यह रक्त संचार को बढ़ाता है और चेहरे को भी स्वस्थ करने में मदद करता है।

 

 

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