Workout routine for students at home – आज के दौर में हर छात्र अपने दिमाग को केवल पढ़ाई और मोबाइल पर ध्यान देने में लगाता है, जिससे उनका मानसिक तनाव और शारीरिक गतिविधियां काफी कमजोर हो जाती हैं। इन सब से साथ छात्रों की आंख में दर्द एवं देखने की शक्ति भी काफी कम हो जाती है जिससे उन्हें आगे चलकर कई तरह की समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इस प्रकार हम आपको यह बताएंगे कि workout routine for students at home कितना महत्वपूर्ण होता है।
इस लेख के माध्यम से हम यह जानेंगे कि हर छात्र अपने शारीरिक एवं मानसिक रूप से मजबूत और स्वस्थ कैसे हो सकते है। हर छात्र अपनी पढ़ाई के साथ-साथ घर पर वर्कआउट कैसे कर सकते है? इन सभी सवालों का जवाब इस लेख में हम आपको बताएंगे।
हर छात्र के लिए वर्कआउट क्यों जरूरी होती है?
हर छात्र के लिए वर्कआउट और शारीरिक मजबूती उतनी ही जरूरी होती है जितना उनकी पढ़ाई या मोबाइल को देखना क्योंकि हर छात्र तभी अच्छे से पढ़ पाएगा जब उनकी शारीरिक क्षमता मजबूत हो। इसीलिए पढ़ाई के साथ वर्कआउट भी बहुत जरूरी होता है। तो क्या है workout routine for students at home पर करने का फायदा क्या फायदा होती है?
(का). तनाव कम करना
वर्कआउट के दौरान शरीर से एंडोर्फिन (endorphins) रिलीज होती है, जिसे आमतौर पर ‘फ़िल गुड’ हार्मोन कहा जाता है। यह हार्मोन छात्रों के शरीर से तनाव को कम करने में काफी मदद करती है। तनाव कम होने से हर छात्र अपनी पढ़ाई पर अच्छे से ध्यान दे पाते है।
( खा). एकाग्रता में सुधार
हर छात्र में शारीरिक गतिविधियों से मस्तिष्क में रक्त का प्रभाव अधिक बढ़ता है, जिससे हर छात्र को अपनी परीक्षा के दौरान ध्यान और याद करने की शक्ति को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। इस प्रकार छात्रों में एकाग्रता में सुधार होता है।
(ग़). पर्याप्त नींद
नियमित व्यायाम से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है, इसलिए हर छात्र को 8-9 घंटे की नींद लेना अनिवार्य होता है। पर्याप्त नींद लेने से छात्रों का तनाव और वर्कआउट करने के बाद होने वाली दर्द को नींद रिकवर करती है। इसीलिए हर माता-पिता को यह जानकारी होनी चाहिए ताकि वे बच्चों को पर्याप्त नींद लेने दें।
(घ). ऊर्जा का स्तर
हर छात्र को यह सुनने में तो गजब लगता होगा किंतु शरीर से पसीना बहता है, तभी हर छात्र मजबूत और स्वस्थ हो पाएगा। यदि छात्र अपने स्कूल और ट्यूशन के साथ-साथ कुछ समय वर्कआउट में देते है तो, वह छात्र पढ़ाई के साथ अपनी शारीरिक फिटनेस को भी बेहतर बना सकता है।
•सही उम्र- यह 15-17 साल उम्र के छात्रों के लिए घर पर वर्कआउट करने का काफी अच्छा समय होता है क्योंकि इस समय ना कोई काम की समस्या होती है और ना ही कहीं जाने की चिंता; केवल पढ़ाई, खेलकूद, और घर पर वर्कआउट करने का एक रूटीन होता है।
•प्रॉपर भोजन पाचन- इस उम्र में हर छात्र के लिए सही समय होता है क्योंकि उसे घर से स्कूल और फिर स्कूल से ट्यूशन और उसके बाद ट्यूशन से घर आना होता है जिससे हर छात्र का भोजन अच्छी तरह से पच जाता है।
इसलिए हर छात्र को workout routine for students at home का पालन करना चाहिए जिससे शैक्षणिक प्रदर्शन के साथ-साथ अपने शरीर को भी फिट कर सके।
वर्कआउट शुरू करने से पहले की तैयारी
वर्कआउट शुरू करने से पहले हमें उन चीजों की तैयारी करनी होती है जो हर छात्र के लिए जरूरी होती हैं, जिससे कोई चोट या खतरा होने की संभावना ना हो।
1. सही समय चुनना
सुबह का समय हर छात्र के लिए सबसे अच्छी होता है क्योंकि सुबह वर्कआउट करने से शरीर में मेटाबॉलिज्म को किकस्टार्ट करने में अहम भूमिका मिलती है। यदि आपका स्कूल सुबह जल्दी है, तो आप अपनी वर्कआउट रूटीन के समय को सुबह से बदलकर शाम को भी कर सकते हैं।
2. जगह का चयन
वर्कआउट करने के लिए हर छात्र को ऐसी जगह चुननी चाहिए जहां उसे हवा और रोशनी पर्याप्त मात्रा में मिल सके ताकि वर्कआउट करते समय किसी तरह की घुटन महसूस नहीं हो और ऐसी जगह जहां ज्यादा शांति और साफ जगह हो।
3. हाइड्रेशन
इससे हमारे शरीर में पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ शरीर को अच्छी बनाए रखते हैं। हर व्यक्ति में 70-72% पानी पाया जाता है, इसलिए हाइड्रेशन हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होती है।
4. उपकरण
छात्र के लिए घर पर वर्कआउट करने के लिए ज्यादा उपकरण की जरूरत नहीं होती है; बस कुछ डंबल और कुछ घर की पदार्थ की जरूरत होती है जिससे हर छात्र आसानी से अपने शरीर को फिट कर सकते है।
हर व्यवस्थित workout routine for students at home जब वो मानसिक रूप से मजबूत और शारीरिक रूप से तंदुरुस्त हों। तभी प्रत्येक छात्र अपने जीवन में पढ़ाई के साथ शारीरिक रूप से मजबूत हो सकता है।
छात्रों के लिए 30 मिनट का वर्कआउट रूटीन
हर छात्र के पास समय बहुत ही कम होता है क्योंकि स्कूल और ट्यूशन में ज्यादा समय चला जाता है जिससे छात्रों के पास बहुत ही कम समय बचता है। इसीलिए हम छात्रों के लिए 30 मिनट का वर्कआउट रूटीन बताएंगे जिससे आप पढ़ाई के साथ वर्कआउट भी कर सकते हैं।
स्टेप 1. वार्म अप ( 5 मिनट )
घर पर किसी भी वर्कआउट को करने से पहले वार्म अप करना बेहद ही जरूरी होता है क्योंकि वार्म अप करने से शरीर में खतरे की संभावना काफी हद तक ठीक हो जाती है।
• जोगिंग: एक ही जगह पर खड़े होकर 1-2 मिनट तक करना होता है, जिससे से मांसपेशियों गरम होती हैं।
• आर्म सर्कल या नेक रोटेशन: इसको 15-20 बार करना चाहिए जिससे जोड़ों में लचीलापन आता है।
• जंपिंग जैक: इसको 2 मिनट का 20-30 रेप करना होता है, जिससे हार्ट रेट हल्का-हल्का बढ़ता है।
स्टेप 2. महत्पूर्ण वर्कआउट (20 मिनट)
यह 20 मिनट का वर्कआउट हर छात्र के लिए जरूरी होता है। प्रत्येक एक्सरसाइज को 45 सेकंड तक करें, उसके बाद 15 सेकंड का आराम करें। इससे थकावट महसूस नहीं होगी।
•पुश अप (push-up) ): यह एक्सरसाइज करने से हमारी छाती और बाइसेप्स मजबूत होती है। इस वर्कआउट को 10 रेप का 3 सेट करे।

• स्क्वाट (Squat): यह हमारे पैरों और कूल्हों को मजबूत करने में मदद करती है। इस वर्कआउट को भी 10 रेप का 3 सेट करे।

•लंग्स (Lunges): यह शरीर के संतुलन के लिए आवश्यक होती है।
•प्लैंक (Plank): यह बहुत ही कोर स्ट्रेंथ वर्कआउट होती है, जिससे हमारी पेट, कमर, कंधे और पूरे शरीर की ताकत को बढ़ती है।
• बर्पीज (Burpees): यह एक फुल बॉडी वर्कआउट होती है जिससे शरीर में ताकत, स्टैमिना, और फैट बर्न तीनों काम हो जाती हैं।
स्टेप 3. कूल डाउन और स्ट्रेचिंग (5 मिनट) )
वर्कआउट करने के बाद और मांसपेशियों के दर्द को रोकने के लिए स्ट्रेचिंग जरूरी होती है।
• यह स्टिचिंग करने से दिल की धड़कनें धीरे-धीरे नॉर्मल हो जाती हैं और किसी प्रकार की खतरा नहीं होती है।
•थकान या चक्कर से बचाने में मदद करती है
•बॉडी की मांसपेशियों में जमा लैक्टिक एसिड को कम करती है।
•यह करने से रिकवरी तेज होती है।
• गहरी सांस लेना होता है।
पढ़ाई के साथ वर्कआउट को कैसे मैनेज करें?
जब आप किसी विषय को याद करते हैं तो उस समय अपने बॉडी को मूवमेंट कर सकते हैं, जिसे पढ़ाई और वर्कआउट दोनों हो जाएगी। जब आप पढ़ते-पढ़ते थक जाएं तब भी थोड़ा-मोड़ा वर्कआउट कर सकते है। या तो सबसे अच्छा सुबह या शाम को करने में सबसे ज्यादा फायदा जनक होती है। सुबह वर्कआउट करने से दिन भर ऊर्जावान महसूस करते हैं और शाम को वर्कआउट करने से दिन भर का तनाव कम होता है। जब आपको समय मिलेगा तब ही घर पर वर्कआउट कर सकते हैं। इस तरह workout routine for students at home पर कर सकते हैं।
अपने कैलेंडर में व्यायाम को लेक्चर की तरह मार्क करके रखें ताकि उस दिन आप वर्कआउट कर सकें। इससे किसी प्रकार की समस्या भी नहीं होगी और पढ़ाई के साथ-साथ वर्कआउट भी हो जाएगा। जब आप पढ़ाई करने बैठते हैं तो आप 50 मिनट तक पढ़ाई करें और 10 मिनट का माइक्रो वर्कआउट करें, जैसे कि स्ट्रेचिंग इत्यादि।
निष्कर्ष ( workout routine for students at home):
हर छात्र का जीवन सिर्फ पढ़कर डिग्री हासिल करना नहीं होता है बल्कि अपने शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ एवं तंदरुस्त होना भी होता है। हर छात्र के लिए घर पर वर्कआउट करना सबसे सुरक्षित और अच्छा माना जाता है, तो आज से ही अपना workout routine for students at home को अपनाना होगा तभी आप अच्छी पढ़ाई लिखाई के साथ-साथ एक फिट शरीर भी पर्याप्त हो सकता है।
1. क्या छात्र खाली पेट वर्कआउट कर सकते हैं?
बिल्कुल! छात्र खाली पेट वर्कआउट कर सकते हैं। इससे किसी प्रकार की समस्या नहीं होती है, परंतु कुछ ऐसे छात्र होते हैं जो खाली पेट वर्कआउट करने से कमजोरी महसूस करते हैं, तो वह वर्कआउट करने से पहले थोड़ा भीगा हुआ चना या केला खा सकते हैं, इससे कोई दिक्कत नहीं होती है।
2. एक छात्र को सप्ताह में कितने दिन व्यायाम करना चाहिए?
एक प्रभावी workout routine for students at home के लिए सप्ताह में 4-5 दिन तक वर्कआउट कर सकते हैं; बाकी के 2 दिन शरीर को आराम देने से मसल्स रिकवर और मांसपेशियों की ग्रोथ हो सके।
3. क्या घर पर व्यायाम करने से जिम जैसी बॉडी बन सकती है?
बिल्कुल! यदि हर छात्र सही अनुशासन और धैर्य के साथ करते है, तो जिम जैसी बॉडी आप घर पर ही बना सकते हैं।
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