Best gym workout schedule क्या होता है और कैसे करना चाहिए पूरी बात इस लेख में जाने

आज के इस समय में एक फिट बॉडी हर किसी की जरूरत होती है,परंतु लोग ( Best gym workout schedule) को पारंपरिक तरीकों से उपयोग करना नहीं जानते हैं। आज हर व्यक्ति जिम तो जाता है,किंतु उन्हें यह पता नहीं होता है कि आज हमें कौन सी व्यायाम करनी चाहिए। इस दौरान हर व्यक्ति अपनी दिनचर्या में जिम वर्कआउट शेड्यूल को अपनाना पसंद करते हैं।

Best gym workout schedule in 2026

इस लेख में हम बिस्तर से जानेंगे कि जिम शेड्यूल क्या है और कैसे कार्य करता है हमारे लिए।

Best gym workout schedule क्या है

Best gym workout schedule व्यवस्थित योजना (systematic plan) होती है, जो हमें बताती है कि हमारी विभिन्न मांसपेशियों के लिए हर दिन कौन सी एक्सरसाइज करनी चाहिए। बिना जिम शेड्यूल के जिम जाना वैसा है जैसे बिना (address) का खज़ाना पाना। यह शेड्यूल आपकी बॉडी की ग्रोथ और मांसपेशियों की रिकवरी के बारे में पूरी तरह बताती है।

जिम शेड्यूल का फायदा:

Best gym workout schedule का बड़ा फायदा: यह हमारे समय को मेंटेन रखती है, जिससे हम अपने काम और जिम को संतुलित रख पाते हैं। 

यह हमारी स्वच्छता एवं वजन को तंदरुस्त रखने और ऊर्जा बढ़ाने में बहुत मदद करती है, जिससे हम अपने जीवन को स्वच्छता एवं शानदार तरीकों से आनंद पा सकें।

जिम शेड्यूल के 10 महत्वपूर्ण फायदे:

1. समय की बचत (Time management): ): इस जिम शेड्यूल से आपको पता होता है कि आप अपने दिनभर के शेड्यूल में किन विषयों का सही उपयोग करते हैं, जिससे आपकी स्वच्छता एवं मसल्स दोनों बनाने में कम समय लग सके।

2. लक्ष्य पर व्यायाम (focus on the workout): ): अपने हर दिन के एक्सरसाइज को अपने रूटीन के हिसाब से करना चाहिए।

3. वजन नियंत्रण (weight control): ): अपने भोजन में कैलोरी को कम करें, अर्थात नियमित रूप से खाएं, जिससे वजन कम हो और एक फिट शरीर बन सके।

4. मानसिक स्वास्थ्य (mental health): ): व्यायाम शरीर में एंडोर्फिन बढ़ाता है। यह मानसिक तनाव को कम करता है और दिनभर स्वस्थ और ऊर्जावान महसूस कराता है।

5. शारीरिक स्वास्थ्य (physical health): ): हमारी मांसपेशियों में स्वस्थ, बॉडी में अत्यधिक ऊर्जा, लचीलापन के साथ-साथ हृदय रोगों की समस्या को कम करना।

6. चोटों का खतरा कम (Reduced Injury Risk): ): एक संतुलित व्यायाम हमारे पूरी मांसपेशियों की मसल्स को बढ़ाती है, जिससे असंतुलन और चोट का खतरा कम होता है।

7. बेहतर नींद (Better sleep): ): नियमित रूप से नींद हमारी पूरी मांसपेशियों की रिकवरी और ग्रोथ करने में मदद करती है।

8. अनुशासन (discipline): ): कोई भी कार्य करने में अनुशासन की जरूरत होती है, चाहे वह वर्कआउट हो या दूसरा काम।

9. धैर्य (patience): ): एक अच्छी बॉडी बनाने के लिए धैर्य (patience) की काफी आवश्यकता होती है। हर व्यक्ति जिम तो जाता है, किन्तु वह कुछ समय के बाद उस जिम को छोड़ देता है, क्योंकि उनके अंदर धैर्य नहीं है, इसीलिए कोई भी कार्य करने के लिए धैर्य रखना बहुत जरूरी होता है।

10.आत्मा सामान्य में वृद्धि (Increased Self-Esteem): ): फिट और स्वस्थ रहने से अंदर से आत्मविश्वास एवं हिम्मत बढ़ जाती है।

शुरुआती(beginner)) के लिए वर्कआउट 

यदि आप जिम में नए हैं, तो आपको पहले ही दिन में भारी वजन या ज्यादा समय (2-3 घंटे) तक वर्कआउट नहीं करना है।

शुरुआती लोग के लिए हल्का वजन और जिम वर्कआउट शेड्यूल का प्रयोग करके बेहतर और मजबूत बॉडी बना सकते हैं।

1. वार्म अप(10-15 मिनट):) मांसपेशियों को वर्कआउट करने की गति।

•एक जगह पर जॉगिंग करना

• अपने हाथों को गोल घुमाना (arm circles)

• जंपिंग जैक( jumping jacks ): एक जगह पर दोनों हाथों को ऊपर-नीचे करना और पैर को फैलाना-मिलाना

2.फॉर्म-अप पर ध्यान: बॉडी में वजन कितना भी हो, इससे कोई दिक्कत नहीं है। बस आप सही फॉर्म-अप से एक्सरसाइज को करते हैं कि नहीं यह ध्यान में होना चाहिए।

3. कार्डियो (30 मिनट तक) हृदय और फेफड़ों केलिए महत्वपूर्ण है।

•सुबह-सुबह दौड़ना या साइकिल चलाना हृदय के लिए बेहतर

•धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाए या फिर शरीर का झुकाव बढ़ाए 

4.बॉडी की आराम: मांसपेशियों को आराम के लिए स्ट्रेचिंग या योग जरूर करें।

शुरुआती लोगों के लिए महत्वपूर्ण टिप्स:

का. नियमित रूप से हफ्ते में 4- 5 दिन ही वर्कआउट करे।

खा. यदि एक्सरसाइज करते समय बॉडी में किसी प्रकार का दर्द होता है, तो आराम जरूर करें।

ग. जिम के लिए आरामदायक कपड़े और जूते पहनें,जिससे वर्कआउट करते समय आराम महसूस हो।

घ. वर्कआउट करने के बाद ही पानी पिए।

इंटरमीडिएट और एडवांस लेवल का वर्कआउट:

जब आप ज़्यादा समय तक (6-8 महीने) जिम कर लेते हैं, तो आपका शरीर ज़्यादा वजन उठाने के लिए तैयार हो जाता है; तब आप स्प्लिट रूटीन को अपने जीवन में अपना सकते हैं।

•PPL (push-pull-legs):s ): यह सबसे लोकप्रिय एडवांस स्प्लिट वर्कआउट में से एक माना जाता है, जो हमारी मांसपेशियों के घुमाव पर नियंत्रित होता है।

•ऊपर लोअर स्प्लिट (body art split): यह 4 दिनों का रूटीन होता है, जो हमारी मांसपेशियों को ऊपरी-निचली मसल्स पर विभाजित करता है। यह करने से हर मांसपेशी को 48 घंटों का रिकवरी समय मिलता है।

एडवांस स्प्लिट के फायदे (Benefits of Advanced Splits):

• बेहतर रिकवरी: मांसपेशियों को बेहतर आराम मिलता है जिससे मांसपेशियों में चोट लगने की संभावना कम होती है और बेहतर होने की संभावना ज़्यादा 

•फोकस और इंटेंसिटी: अपने पसंद के किसी भी वर्कआउट पर विशेष ध्यान करना होता है,, जिससे कुछ वर्कआउट में बेहतर परिणाम मिलता है।

6 दिनों का वर्कआउट चार्ट:

दिन ( day ) वर्कआउट का प्रकार महत्वपूर्ण एक्सरसाइज
सोमवार चेस्ट ( chest ) बेंच प्रेस, इंकलाइन, केबल प्लाई और डम्बल प्रेस
मंगलवा बैक ( Back ) लेट पुल डाउन, डेडलिफ्ट, सीटेड रोइंग
बुधवार कंधा ( shoulder ) ओवरहेड प्रेस,लेटरल रोजेस 
गुरुवार पैर ( Legs ) स्क्वाट, लेग प्रेस, लेंजेस
शुक्रवार हाथ ( Arms ) बाइसेप्स कार्ल, ट्राइसेप, पुश डाउन, हैमर कर्ल
शनिवार कार्डियो और एब्स रनिंग, फ्लैंक,
रविवार Rest day यह दिन शरीर को आराम दे

Best gym workout schedule के दौरान होने वाली आम गालियां

1.वार्म अप को छोड़ना: बिना वार्मअप के वर्कआउट करने से शरीर की मांसपेशियों में चोट की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है और नाश में खिंचाव हो सकता है।

2. अधिक वजन उठाना: अधिक वजन उठाने से शरीर में चोट लग सकती है और बॉडी में कोई प्रभाव देखने को नहीं मिलता है। इसलिए जब भी वर्कआउट करें, हल्के वजन से शुरू करें।।

3. शरीर को आराम न देना: शरीर को आराम न देने से हमारी मसल्स रिकवर नहीं होती हैं और मांसपेशियों में भी कोई ग्रोथ नहीं होती है, जिससे ओवर ट्रेनिंग हो सकती है।

4. रेस टाइम में फोन को चलाना:: आराम के समय में फोन चलाने से बॉडी को रेस्ट नहीं मिलती है जिससे वर्कआउट करने से शरीर को नहीं मिलती है।

आम गालियां को कैसे सुधारे:

जिम में किसी ट्रेनर से पूरी बॉडी की कसरत सीखें, ताकि कम समय में बेहतर बॉडी बन सके कम वजन और कम तीव्रता से शुरू करें और 6-7 महीनों के बाद वजन को बढ़ा सकते हैं। अपने शरीर की बातें सुनें और आराम जरूर करें, ताकि मसल्स बढ़ सकें।

निष्कर्ष

Best gym workout schedule को अपने से हमें सिर्फ बेहतर बॉडी ही नहीं बल्कि कई तरह के जीवन शैली में लिए गए एक बहुत बड़े कदम भी हैं, जैसा कि हमने इस लेख में बताया है। जिम वर्कआउट शेड्यूल के बिना जिम जाना वैसा ही है जैसा कि बिना पता का जगह को ढूंढना।

एक व्यवस्थित ( best gym workout schedule) न सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत करता है, बल्कि आपको मानसिक एवं मांसपेशियों को भी मजबूत करता है। इस लेख में यह भी बताया गया है कि अनुशासन हमारे आत्मविश्वास को भी बढ़ाता है।

1. क्या रोज जिम जाना चाहिए कि नहीं?

नहीं, शरीर की मांसपेशियों के लिए आराम बहुत ही जरूरी होता है, इसीलिए शुरुआती हफ्तों में 3-4 दिन जिम जाएं। इससे आपका वर्कआउट भी हो जाएगा और आराम भी मिल जाएगा।

2.हमें वर्कआउट करने से पहले क्या खाना चाहिए?

वर्कआउट के 30 मिनट पहले कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन खाना चाहिए, जैसे कि केला, ओट्स और ब्राउन ब्रेड को पीनट बटर के साथ खाएं, जिससे वर्कआउट करते समय आपकी बॉडी में ताकत मिल सके।

3.क्या बिना सप्लीमेंट के बॉडी बनाई जा सकती है?

बिल्कुल! सप्लीमेंट केवल आपकी भोजन की कमियों को दूर करता है। यदि आप अपने डाइट में प्रोटीन और कैलोरी से भरपूर भोजन खाते हैं, जैसे दाल, सोया, चिकन, अंडा इत्यादि, तो आपको किसी सप्लीमेंट की जरूरत नहीं होती है।

4.जिम जाने का अच्छा समय क्या होता है?

जिम जाने का कोई विशेष समय नहीं होता है। यदि आप सुबह जिम जाते हैं,तो दिन भर ऊर्जावान महसूस होता है,जबकि शाम को जिम जाने से दिन भर का तनाव कम होता है और रात को अच्छी नींद आती है।

5.क्या खाली पेट वर्कआउट करने से फायदा होता है?

यदि आपका वजन बहुत अधिक है, तो आप खाली पेट वर्कआउट कर सकते हैं; अन्यथा, वर्कआउट करने से पहले कुछ जरूर खाएं ताकि आप ज्यादा देर तक वर्कआउट कर सकें।

 

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